Sunday, May 13, 2018


माँ मखमली, गुदगुदा नरम, एहसास है
माँ से मिली आस्था, प्रबल विश्वास है

माँ से मिली सबलता
माँ ने ही बढ़ाया आत्म विश्वास है

संबल है गर पिता
तो माँ समुचित प्रकाश है

बच्चों में है संभावनाएं
माँ अथक मेहनत, जी तोड़ प्रयास है!!!!

Tuesday, April 24, 2018

सूनी सांझ



बाट जोहते
थक गई अंखिया
सूखी पूरी देह

दिखी न कोई
आस की किरण
बढ़ा विरह उद्दवेग

कहकर गया कोई
आने को
भूला अपना देश

दिल मे उठी
हुक अजब सी
जीवन हुआ क्लेश

बरखा सावन
एक हुए सब
नैनन झरा स्नेह

सूना पथ है
सूना जीवन
सूनी आंखे

सूनी सांझ के
मेरे साथी.......
आ जाओ अब
खिंची है दिल पे
यादों की लंबी गहरी रेख!!

जिस्म का रूह से रिश्ता

सब छूट जाता है
वक़्त के साथ
जिंदगी की टीसन
फिर भी
सालती जाती

याद रहते है
वो लम्हे
जो जिये थे कभी
अपने लिए
तुम्हारे लिए
एक दूजे के लिए

वक़्त का काम है
दूरियां करना,
बिछड़ा देना
रूह को रूह से
दिल है कि
फिर भी
अलग नही
हो पाते

इसी का नाम है
मोहब्बत
जिस्म से
रूह का रिश्ता
जिसे लोग
कभी चाह
कर भी
अलग नही
कर पाते

उधड़े हुए
आसमान पे
टांके टिकेंगे
कब तलक
गम की एक आंधी
उजाड़ देगी
पूरा का पूरा
आसमान

मरहम

अपनी कलम से
कुछ गम
लिख के हम
दिल को मरहम देते है
लोग है .....
कि हमें
न जाने क्या क्या
समझ लेते है.....
कहूँ क्या किस्सा
गमे दिल का ए दोस्त
अब तो गम के
गुलशन में भी हम
कुछ देर खुश रह लेते है।।।

पुराने जर्जर रिश्ते दफना दिए जाते है

हर नए रिश्ते के साथ
छूटता जाता है
पुराना रिश्ता
नए रिश्ते
आगे बढ़ते जाते है
पुराने दम
तोड़ते जाते है
मिट जाते है
डायरी से
पुराने फ़ोन नंबर
नए जगमगाते है
जो रिश्ते
काम के होते है
वो रह जाते है
बाकी
वक़्त की मिट्टी में
दफना दिए जाते है!!!

तुम आना ख्वाब नही

अब नही आते है
खवाब
अब नही आती है
नींद
रात लंबी आती है
तुम्हारी याद लेकर
रात भर
जगाने के लिए
अबकी बार ........

तुम आना
तुम्हारे ख्वाब नही!!